The 37th National Competition of Sur Sangam

Classical & Light Music Competition 2026

Online Registration Open

Fill the registration form and upload your audio sample for Sur Sangam Competition.

Competition The 37th National Competition of Sur Sangam will be held in Jaipur.
Event Date The event will take place from October 01 to 02, 2026 at Jaipur.
Competition Category The competition will be held in the categories of Classical & Light Music.
Online Auditions Entries for the online auditions are now open.
Audio Upload Upload your 3-minute audio file today on the registration page.
Last Date The last date to submit your entry is 8 August 2026, Evening 5:00 PM.

Step 1

Click on the registration button.

Step 2

Fill your details and upload audio file.

Step 3

Submit the form before the last date.

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Participants can fill the form online and submit their audition audio through the registration page.


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Legendary Artists Invites

you to participate in the 37th National Singing Competition

मुख्य अतिथि

Chief Guests Sur Sangam Grid
Chief Guest 1 Sur Sangam Sansthan
Chief Guest 3 Sur Sangam Sansthan
Chief Guest 2 Sur Sangam Sansthan 1200

सुर संगम की 48 साल की लबी यात्रा में सुगम, शास्त्रीय और सिने संगीत से जुड़ी - अनिल विश्वास, नौशाद, जयदेव, राजकुमारी, खय्याम, रवि, रवींद्र जैन, हेमलता, भूपेंद्र, पिनाज मसानी, ए. हरिहरण, उस्ताद वासिफुद्दीन डागर, छाया गांगुली, शेखर सेन-कल्याण सेन, भवदीपजयपुरवाले, संजय विद्यार्थी जैसी हस्तियों और पं. विद्यानिवास मिश्र सरीखे मूर्धन्य विद्वान, साहित्यकार तथा भाषाविद् ने लगातार शिरकत कर शोभा बढ़ाई है। सुर संगम ने हजारों युवा गायकों को तलाशा, तराशा और मंच प्रदान करने के साथ उनको हौसला दिया है। इनमें श्रेया घोषाल, सुनिधि चैहान, मुहम्मद वकील जैसे गायक भी शामिल रहे हैं। राष्ट्रीय युवा संगीत समारोह और अखिल भारतीय संगीत प्रतियोगिता के तहत राष्ट्रीय एकता, भाईचारा, सद्भाव और सामंजस्य आदि मानवीय गुणों के विकास में भी सुर संगम का अहम योगदान रहा है। 1987 राजस्थान सरकार के सहयोग से अकाल पीड़ित प्रदेश की सहायतार्थ जयपुर में लता मंगेशकर नाइट का भव्य और ऐतिहासिक आयोजन सुर संगम ने ही किया था। संगीतकार खेमचंद प्रकाश और जयदेव की स्मृति में हुए आयोजन आज भी याद किए जाते हैं। युवा प्रतिभाओं को संगीत गुरुओं के सान्निध्य में गायन के गुर और बारीकियाँ सिखाने के लिए जयपुर, बीकानेर और मुंबई में सुर संगम ने कई कार्यशालाएं आयोजित की हैं। केंद्रीय संगीत नाटक अकादमी की सहभागिता में बीकानेर में पाँच दिवसीय मांड कार्यशाला का आयोजन किया गया। संस्कृति मंत्रालय की सहभागिता में सुर संगम संस्थान ने हाल ही वाराणसी, इंदौर, उज्जैन, देवास, में कबीर उत्सव का सात्विक और सफल आयोजन करके भक्ति संगीत के कंसर्ट को नए आयाम दिए हैं।

गौरवमय गतिविधियां
और उत्कृष्ट उपक्रम

1981-84 गायन- धीरा सेन, तमाशा शैली- गोपीजी भट्ट

1985
प्रशिक्षण शिविर (सान्निध्य - रामलाल माथुर)

खेमचंद प्रकाश संगीत समारोह (गायन-राजकमल,हेमलता)

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